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फ्रीबीज- रेवड़ी कल्चर: सुप्रीम कोर्ट ने नई बेंच को भेजा मामला

नई दिल्ली। फ्रीबीज- रेवड़ी कल्चर मामले पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई शुरू हुई. लगभग आधा घण्टे चली सुनवाई के बाद सीजेआई एनवी रमणा ने , जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की बैंच में भेज दिया ।
सीजेआई ने आगे कहा कि सवाल यह है कि फ्रीबीज चुनाव के पहले के वादे का मसला एक है, जबकि कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा के खिलाफ भी याचिकाएं दाखिल हुईं तो फिर क्या होगा. इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि पोस्ट पोल वादा या योजना अलग मसला है।
CJI ने कहा कि यहां पर दो सवाल हैं कि चुनाव से पहले के वादे और उनके खिलाफ चुनाव आयोग कोई एक्शन ले सकता है.।
सॉलीसेटर जनरल तुषार मेहता ने कहा पार्टियां वोटर को रिझाने के लिए चुनाव से पहले वादा करती हैं।
इस पर प्रशान्त भूषण ने कहा कि मेरी राय में मुख्य समस्या यह है कि चुनाव से तत्काल पहले वादा करना एक तरह से मतदाता को रिश्वत देना है. इस पर कपिल सिब्बल ने कहा कि चुनाव से पहले ऐसे वादों से वित्तीय संकट खड़ा होता है, क्योंकि वह आर्थिक हालात को ध्यान में रखकर नहीं किए जाते. इसका जवाब देते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि पार्टियां वोटर को रिझाने के लिए चुनाव से पहले वादा करती हैं. जैसे बिजली फ्री देंगे या कुछ और तो इस प्रथा को इस रवैये को बंद करना चाहिए.।
फ्रीबीज, रेवड़ी कल्चर, मुफ्तखोरी मामले पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई. इस मामले पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमणा, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ ने सुनवाई की. यहां याचिकाकर्ता ने कहा कि पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज के नेतृत्व में समिति बना दी जाए, जबकि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि पूर्व कैग के नेतृत्व में समिति बनाई जाए. इस पर सीजेआई ने कहा कि जो रिटायर हो गया उसकी कोई वैल्यू नही रहती है।

केंद्र सरकार इसके लिए ऑल पार्टी मीटिंग क्यों नहीं बुलाती

सीजेआई ने कहा कि केंद्र सरकार इस मसले पर विचार करने के लिए सभी राजनेतिक दलों की एक मीटिंग बुलाकर एक विशेषज्ञ समिति का गठन क्यों नहीं करती. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, ‘मामला आपके पास है, सरकार हरेक पहलू पर सहायता करने को तैयार है.’
सीजेआई ने आगे कहा, ‘मैं नई पीठ को यह मामला भेज रहा हूं जो मैनिफेस्टो मामले में दिए गए पूर्व के फैसलों पर गौर करेगी.’ इसके साथ ही यह तय हो गया है कि तीन जजों कि पीठ आगे फ्रीबीज मामले पर सुनवाई करेगी..।

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