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सिंधिया – कैलाश की मुलाकात के मायने

♦ राजनीति मैं कभी एक दूसरे के धुर विरोधी रहे केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मालवा क्षेत्र से बीजेपी के कद्दावर नेता कैलाश विजयवर्गीय की मुलाकात राजनेतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
सोमवार को केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इंदौर में भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय से मिलने उनके घर पहुंचें थे।
हालांकि, कैलाश से मुलाकात के बाद सिंधिया ने इसे विजयवर्गीय परिवार से अपनी पारिवारिक मुलाकात बताया लेकिन इस नए समीकरण के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
कहते है,सियासत शतरंज की वह बिसात है, जिसमें दोस्त और दुश्मन कभी भी स्थाई नहीं रहते। अर्थात समय की नजाकत के साथ सियासी दोस्ती और दुश्मनी बदलती रहती है। कुछ इसी तरह की सिंधिया और विजयवर्गीय की मुलाकात की तस्वीरें सोमवार को राज्य की सियासत में देखने को मिलीं। जिसके बाद मध्य प्रदेश में नये सियासी समीकरण पर चर्चा शुरू हो गई है। इसकी वजह है किसी जमाने में राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का सोमवार को इंदौर में भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय के घर पहुंचना। एक जमाने में सिंधिया और विजयवर्गीय के बीच तीखी खबरें आती थीं, लेकिन अब इस मुलाकात ने गुजरे जमाने की चर्चाओं पर विराम लगा दिया है। हालांकि, कैलाश से मुलाकात के बाद सिंधिया ने इसे विजयवर्गीय से अपनी पारिवारिक मुलाकात बताया लेकिन इस नए समीकरण के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव के बाद से ही ज्योतिरादित्य सिंधिया और कैलाश विजयवर्गीय के बीच कड़वाहट बनी रहने की खबरें आती थीं। यही वजह है कि सिंधिया के भाजपा में आने के बाद कैलाश विजयवर्गीय के परिवार से सिंधिया की दूरियां बनी रहीं। अब फिर एक मौका ऐसा आया है जब सिंधिया कैलाश विजयवर्गीय के पास पहुंचे हैं।
दरअसल, सोमवार को सिंधिया उज्जैन में महाकाल की शाही सवारी में हिस्सा लेने के लिए जा रहे थे। उसके पहले ही इंदौर में वे एयरपोर्ट से सीधे भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के नंदा नगर स्थित निवास पर पहुंच गए। यहां कैलाश विजयवर्गीय के साथ उनके पुत्र आकाश विजयवर्गीय, विधायक रमेश मेंदोला, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, नगर भाजपा अध्यक्ष गौरव रणदिवे ने सिंधिया का स्वागत किया। इसके बाद सिंधिया कैलाश विजयवर्गीय के पास पहुंचे, जहां उनके परिवार के सदस्यों और खुद विजयवर्गीय के साथ पारिवारिक माहौल में चर्चा हुई। इस दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया यह उनका सौभाग्य है कि कैलाश जी के परिवार से व्यक्तिगत नहीं बल्कि पारिवारिक माहौल में उन्होंने भोजन किया है। सिंधिया ने कहा विजयवर्गीय के साथ मिलकर उनके मार्गदर्शन में एवं भारतीय जनता पार्टी के आम कार्यकर्ता के रूप में प्रदेश और क्षेत्र के विकास के लिए मिलकर एक नई उमंग नए जोश के साथ काम करेंगे।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस नेता आनंद शर्मा द्वारा संगठनात्मक जिम्मेदारी से पीछे हटने के सवाल पर कहा कि जर्जर हो चुकी है कांग्रेस
“कांग्रेस की स्थिति कांग्रेसी जानें फिलहाल मैं भाजपा में हूं और हमारी सोच और विचारधारा राष्ट्र भक्ति की है। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, अमित शाह के नेतृत्व में एक-एक कार्यकर्ता उनके संकल्प सबका साथ सबका विकास, सबका विश्वास की विचारधारा के साथ अमृत काल में भारत को एक नक्षत्र की तरह आगे बढ़ाने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं।”

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